कोई और रास्ता है भी नहीं

कला और कलाकार की अंधाधुंध मौत के काफ़िले में हम कुछ यूँ जिये जा रहे हैं सब हमसे मिलना चाह रहे हैं हम भेस बदलते जा रहे हैं।।